ई-विद्याकोश

उदाहरण | वास्तविक संख्याएँ | वर्ग - 10 | बिहार बोर्ड

उदाहरण - 1: 4052 और 12576 का HCF यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म का प्रयोग करके ज्ञात कीजिए।
\[12576 = 4052 \times 3 + 420\] \[4052 = 420 \times 9 + 272\] \[420 = 272 \times 1 + 148\] \[272 = 148 \times 1 + 124\] \[148 = 124 \times 1 + 24\] \[124 = 24 \times 5 + 4\] \[24 = 4 \times 6 + 0\] अंतिम शेष 0 होने पर, अंतिम भाजक HCF है। अतः HCF = 4 है ।
उदाहरण - 2: दर्शाइए की प्रत्येक धनात्मक सम पूर्णांक 2q के रूप का होता है तथा प्रत्येक धनात्मक विषम पूर्णांक 2q + 1 के रूप का होता है, q कोई पूर्णांक है।
हमें यह दिखाना है कि प्रत्येक धनात्मक सम पूर्णांक \( 2q \) के रूप में और प्रत्येक धनात्मक विषम पूर्णांक \( 2q + 1 \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( q \) कोई पूर्णांक है।

सिद्धांत:

किसी भी पूर्णांक \( n \) को 2 से विभाजित करने पर हमें दो प्रकार के शेषफल मिल सकते हैं:
  • यदि \( n \) को 2 से विभाजित करने पर शेष 0 हो, तो \( n \) सम (even) होगा।
  • यदि \( n \) को 2 से विभाजित करने पर शेष 1 हो, तो \( n \) विषम (odd) होगा।
यूक्लिड विभाजन प्रमेय के अनुसार, किसी भी पूर्णांक \( n \) को 2 से विभाजित करने पर इसे निम्नलिखित रूप में लिखा जा सकता है: \[ n = 2q + r \] जहाँ \( q \) एक पूर्णांक है और \( r \) शेषफल है। चूँकि \( n \) को 2 से विभाजित किया गया है, इसलिए शेषफल \( r \) केवल 0 या 1 हो सकता है।

सम पूर्णांक के लिए:

यदि \( r = 0 \), तो \[ n = 2q \] यह संख्या सम (even) होगी।

विषम पूर्णांक के लिए:

यदि \( r = 1 \), तो \[ n = 2q + 1 \] यह संख्या विषम (odd) होगी।

निष्कर्ष:

इससे स्पष्ट होता है कि:
  • प्रत्येक धनात्मक सम पूर्णांक \( 2q \) के रूप में लिखा जा सकता है।
  • प्रत्येक धनात्मक विषम पूर्णांक \( 2q + 1 \) के रूप में लिखा जा सकता है।
यहाँ \( q \) कोई पूर्णांक होता है।
उदाहरण - 3: दर्शाइए की प्रत्येक धनात्मक विषम पूर्णांक 4q + 1 या 4q + 3 के रूप का होता है, जहाँ q कोई पूर्णांक है।
हमें यह दिखाना है कि प्रत्येक धनात्मक विषम पूर्णांक \( 4q + 1 \) या \( 4q + 3 \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( q \) कोई पूर्णांक है।

सिद्धांत:

यूक्लिड विभाजन प्रमेय के अनुसार, किसी भी पूर्णांक \( n \) को 4 से विभाजित करने पर इसे इस रूप में लिखा जा सकता है: \[ n = 4q + r \] जहाँ \( q \) एक पूर्णांक है और \( r \) शेषफल है। चूँकि \( n \) को 4 से विभाजित किया गया है, इसलिए शेषफल \( r \) के मान निम्नलिखित हो सकते हैं: \[ r = 0, 1, 2, 3 \] अब, हम देखेंगे कि इनमें से कौन-कौन से मान विषम पूर्णांकों को दर्शाते हैं।

सम संख्या के मामले:

  • यदि \( r = 0 \), तो \( n = 4q \), जो सम संख्या होगी।
  • यदि \( r = 2 \), तो \( n = 4q + 2 \), जो भी सम संख्या होगी।

विषम संख्या के मामले:

  • यदि \( r = 1 \), तो \( n = 4q + 1 \), जो विषम संख्या होगी।
  • यदि \( r = 3 \), तो \( n = 4q + 3 \), जो भी विषम संख्या होगी।

निष्कर्ष:

इससे स्पष्ट होता है कि प्रत्येक धनात्मक विषम पूर्णांक या तो \( 4q + 1 \) या \( 4q + 3 \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( q \) कोई पूर्णांक है।
उदाहरण - 4: एक मिठाई विक्रेता के पास 420 काजू की बर्फियाँ और 130 बादाम की बर्फियाँ हैं। वह इनकी ऐसी ढेरी बनाना चाहती है की प्रत्येक ढेरी में बर्फियों की संख्या समान रहे तथा ये ढेरियाँ बर्फ़ी की परात में न्यूनतम स्थान घेरें। इस काम के लिए प्रत्येक ढेरी में कितनी बर्फियाँ राखी जा सकती हैं।

इस प्रश्न को हल करने के लिए हमें 420 काजू की बर्फियों और 130 बादाम की बर्फियों का HCF (महत्तम समापवर्तक) निकालना होगा। यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि प्रत्येक ढेरी में समान संख्या में बर्फियाँ होनी चाहिए और यह संख्या अधिकतम संभव होनी चाहिए।

\[420 = 130 \times 3 + 30\] \[130 = 30 \times 4 + 10\] \[30 = 10 \times 3 + 0\] HCF = 10
अतः प्रत्येक ढेरी में 10 बर्फियाँ रखी जा सकती हैं।